शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आत्मिक विकास के लिए योग आसन, प्राणायाम और ध्यान अभ्यास।
लचीलापन और शक्ति
एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता
चेतना और आत्म-जागरूकता
शारीरिक शुद्धि, स्थिरता, लचीलापन और सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त प्राथमिक योगाभ्यास।
अधिक जानेंऊर्जा केंद्रों (चक्रों) को जागृत करने, मानसिक शक्ति और आध्यात्मिक चेतना बढ़ाने हेतु अभ्यास।
अधिक जानेंगहरी विश्राम अवस्था, तनाव मुक्ति और तंत्रिका तंत्र को संतुलित करने के लिए अत्यंत शांत योग।
अधिक जानेंगर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित योगाभ्यास, जो प्रसव प्रक्रिया को सुगम व तनावमुक्त बनाता है।
अधिक जानेंयोग सूत्रों, भगवद गीता और उपनिषदों के सिद्धांतों पर आधारित दार्शनिक ज्ञान एवं चर्चा।
अधिक जानेंयोग मस्तिष्क के कोर्टिसोल स्तर को कम कर गहरी शांति प्रदान करता है।
मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाता है और जोड़ों की गतिशीलता बढ़ाता है।
ध्यान से एकाग्रता बढ़ती है और कार्यकुशलता में सुधार होता है।
अनिद्रा की समस्या समाप्त होती है और दिनभर ऊर्जावान महसूस होता है।
स्वयं से परिचय करवाता है और आत्म चेतना जागृत करता है।
शुरुआती साधकों के लिए गुरुजी के मार्गदर्शन में विशेष रूप से तैयार ध्यान सत्र।
अधिक जानेंविशिष्ट पवित्र ध्वनियों (मंत्रों) के उच्चारण द्वारा मन को एकाग्र करने की विधि।
अधिक जानेंएक बिंदु या दीये की लौ पर ध्यान केंद्रित करके मानसिक एकाग्रता और दिव्य दृष्टि विकास।
अधिक जानेंश्वास नियंत्रण की विभिन्न तकनीकों द्वारा प्राण ऊर्जा का विस्तार और मानसिक स्थिरता।
अधिक जानेंजागृत निद्रावस्था की तकनीक जो गहरे शारीरिक विश्राम और अवचेतन मन की शुद्धि लाती है।
अधिक जानेंसातों ऊर्जा चक्रों पर ध्यान केंद्रित कर उन्हें संतुलित व जागृत करने का अनुष्ठान।
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स्वामी श्री परम्बानान्दनाथ जी महाराज के आशीर्वाद से संचालित योग गुरुओं की टीम आपको पारंपरिक एवं प्रामाणिक योग की शिक्षा देती है।
"गुरुजी के मार्गदर्शन में मेरे जीवन में शांति, स्वास्थ्य और सकारात्मकता आई है।"
योग, ध्यान या शारीरिक समस्याओं से जुड़े किसी भी सवाल के समाधान के लिए गुरुजी से मार्गदर्शन प्राप्त करें।
नियमित योग कक्षाएं सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक और शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपलब्ध हैं।