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प्राणायाम करने की सही विधि और फेफड़ों के लिए लाभ

अनुलोम-विलोम और भस्त्रिका प्राणायाम करते समय सांसों का सही अनुपात क्या होना चाहिए और इससे प्राण वायु कैसे शुद्ध होती है।

यह ब्लॉग आध्यात्मिक मार्गदर्शन और गुरुजी स्वामी श्री परम्बानान्दनाथ के प्रवचनों पर आधारित है। यहाँ दी गई जानकारी प्रामाणिक है।

संस्थान के वरिष्ठ लेखक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक।